Wednesday, July 30, 2008

कहाँ गया देश प्रेम

भगत सिंह , राजगुरु ,सुखदेव शायद नाम भी याद नही होंगे , आज की युवा पीडी को

रंग दे बसंती ने थोड़े दिनों तक तो लोगो को याद दिलाया पर फ़िर क्या हुआ

क्या उनकी याद बस उनके जन्मदिन या उनके बलिदान वाले दिन आती है

अख़बारों में टीवी चैनल पर उस दिन ही दिखाए जाते हैं मेरे देश के यह वीर जवान



भगत सिंह की माता जी को पंजाब माता कहा जाता है

भारत माता क्यूँ नही ........

चंदर शेखर आजाद (पंडित जी) कितने लोग जानते हैं पंडित जी .... सरदार भगत सिंह, राजगुरु ,सुखदेव इन सब के सीनियर थे भगत सिंह कोई बी काम पंडित जी से बिना पूछे नही करते थे ....भगत सिंह एक ऐसा देश भक्त जिसे हम भूलने की गलती बी करें गे तोह शायद हमें इतना नुक्सान है जिस की हम कल्पना बी नह्ही कर सकते .....
आज वो दिन दूर नही है जब हमें भगत के विचारों की ज़रूरत पड़ने वाली है
भगत ने कहा था शहादत से कुछ समय पहलें

अगले १० - १५ साल में आज़ादी मिल जायेगी
गोरे चले जायेंगे
पर आम आदमी का कोई फायदा नही होगा
काफी समय अफरा तफरी में गुज़र जाएगा
फ़िर दुनिया को मेरी याद आयेगी .......

दुष्यंत कुमार ने लिखा था

में बहौत कुछ सोचता हूँ पर कहता नही
सच कहना तो हैं दर किनार
आदमी तो ज़मानत पर रिहा है या फरार

मत भूलो देश पर जान देने वालों को
जय हिंद

3 comments:

Udan Tashtari said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है. नियमित लेखन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाऐं.

वर्ड वेरिपिकेशन हटा लें तो टिप्पणी करने में सुविधा होगी. बस एक निवेदन है.

admin said...

लेखनी में ओज ओर मन में जोश दिखाई पडता है।
बहुत खूब, लगे रहो।

रश्मि प्रभा... said...

yahi rona to hai, nayi pidhi ko gumraah karnewalon se nibatna hoga,bhagat singh banna hoga.....
bahut shourya hai